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Friday, December 12, 2008

वह भारत देश हमारा है।

वह भारत देश हमारा है,
सब देशों से न्यारा है।
हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई,
जहाँ प्रेम से रहते,
प्रेम, मानवता, भाईचारा,
जहाँ हैं फलते-फूलते।
वह भारत देश हमारा है,

सब देशों से न्यारा है।
जहाँ खेत में रामू काका,
सुबह कलेवा करते,
रात होते ही चुन्नू-मुन्नू,
दादी की लोरी सुनते,
वह भारत देश हमारा है,
सब देशों से न्यारा है।
नेताजी, भगत, आजाद जहाँ,
हर बच्चे द्वारा गाए जाते,
रामायण, गीता, कुरान जहाँ,
घर-घर में पाए जाते,
वह भारत देश हमारा है,
सब देशों से न्यारा है।
जहाँ बड़ों की सेवा करना,
सब अपना धर्म समझते,
जहाँ देश पर मर-मिटना,
लोग अपना भाग्य समझते,
वह भारत देश हमारा है,
सब देशों से न्यारा है।।
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-प्रभाकर पाण्डेय
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चित्र- साभार- http://www।rrindia.com/
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4 comments:

Suresh Chandra Gupta said...

बहुत सुंदर कविता लिखी है आपने. ऐसे भारत को हमारा नमन.

इतने अच्छे ब्लाग पर कमेन्ट मोडरेशन अच्छा नहीं लगता.

विवेक सिंह said...

बेहतरीन तराना . जय हिन्द !

Alag sa said...

kaash! phir aisaa ho paaye

Anonymous said...

कमाल का ब्लाग।

 
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