Custom Search

Saturday, August 22, 2009

य से यज्ञ..........











कहता है , प्यारे बच्चों,
आज विशेषण की बारी है,
शब्द ब्रह्म और ब्रह्म ही शब्द,
शब्दों की दुनिया निराली है।
जो संज्ञा की विशेषता बताए,
वह विशेषण कहलाता है,
संज्ञा के गुण आदि को बताने,
यह उसके साथ आता है।
छोटा, बड़ा, अच्छा, बुरा,
ये विशेषण कहलाते हैं,
इसी तरह के और भी शब्द,
इस श्रेणी में आ जाते हैं।
अगर तुम बनोगे अच्छे तो,
महान, कर्मठ जैसे विशेषण,
तुम्हारे नाम की शोभा बढ़ाएँगे,
अगर तुम बुरे बने तो,
नीच, आलसी जैसे विशेषण,
तुम्हें गर्त में ले जाएँगे।
अच्छा बनो, सच्चा बनो,
और तुम बनो महान,
धीर बनो तुम वीर बनो,
तुम हो इस देश की शान।।
___________________
______________________













१.

से यज्ञ करते जाओ,
अच्छी तरह से पढ़ते जाओ,
एकदिन तुम बनोगे महान,
सब गाएँगे तेरा गुणगान।।

२.
से यज्ञ अगर है करना,
तो आओ हवनकुंड बनाएँ,
सुखी समिधा ला-लाकर,
इसमें हम खूब सजाएँ।
पुस्तक से मंत्र बोल-बोलकर,
आहुति इसमें देते जाएँ,
अच्छे कर्मों को कर-करके,
जीवन अपना सफल बनाएँ।।
____________________
________________________
____प्रभाकर पाण्डेय____

1 comment:

ACHARYAJI KAHI said...

BAHUT ACHCHE.
SANSAKAR AUR GYAN
AAP H MAHAN
AABHAR SAWIKAR KARE
RAMESH SACHDEVA
hpsshergarh@gmail.com

 
www.blogvani.com चिट्ठाजगत